नेहरू युवा केंद्र, मधुबनी के बैनर तले नगर के चंद्रा कॉम्प्लेक्स में आयोजित पांच दिवसीय सीमा क्षेत्र युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का समापन बड़े हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्य और क्षेत्रों के युवा प्रतिभागियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान, सांस्कृतिक जुड़ाव और प्रशासनिक समझ को बढ़ावा देना था।

मधुबनी के चंद्रा कॉम्प्लेक्स में पाँच दिनों तक चला कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत पहले दिन पारंपरिक स्वागत से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने मिथिला पाग और चादर के माध्यम से अपने आगमन का स्वागत किया। उत्तर प्रदेश टीम के लीडर शिवम शर्मा ने बताया कि इस पारंपरिक स्वागत ने उन्हें गहरे सांस्कृतिक संबंध का अनुभव कराया। उन्होंने मधुबनी डीएम से संवाद करने के अनुभव का विशेष उल्लेख करते हुए सभी आयोजकों का धन्यवाद किया।
दूसरे दिन कार्यक्रम के दौरान एक बैंकिंग साक्षरता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने वित्तीय जागरूकता और समकालीन बैंकिंग प्रथाओं के बारे में सीखा। इस सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी समस्याओं और अनुभवों को साझा किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वित्तीय ज्ञान न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है बल्कि सामाजिक और आर्थिक समृद्धि में भी अहम भूमिका निभाता है।
तीसरे और चौथे दिन का आयोजन क्षेत्रीय भ्रमण के रूप में किया गया। इन दिनों प्रतिभागियों ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कैंप का दौरा किया, मरनिया में सैनिकों से संवाद किया, बॉर्डर एवं ग्राम भ्रमण किया और मिथिला चित्रकला संस्थान में पेंटिंग क्लास के साथ-साथ मिथिला हाट में जलपान एवं नौका विहार का आनंद लिया। इन भ्रमणों के दौरान युवाओं ने न केवल अपने ज्ञान को बढ़ाया बल्कि क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और उपलब्धियों से भी परिचित हुए।
मध्य प्रदेश से सरिता और ओडिशा से शिवश्च समेत विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी अपनी स्मृतियों और अनुभवों को साझा किया। उनके विचारों ने कार्यक्रम में विविधता का संचार किया और सभी प्रतिभागियों के बीच सहयोग तथा भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया।
समापन सत्र में कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले मिथिला फाउंडेशन के आदित्य चौधरी, सूरज कुमार मंडल, कौशल किशोर, राकेश रोशन, सोनू कुमार सहित अन्य सदस्यों को एसडीएम अश्वनी कुमार द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम ने न केवल युवाओं के बीच ज्ञानवर्धक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है, बल्कि यह उनके सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण को भी नया आयाम प्रदान करता है।इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में युवा प्रतिभागियों ने अपने विचार, अनुभव और चुनौतियों को साझा करते हुए यह संदेश दिया कि सीमाओं से परे विचारों का आदान-प्रदान हमें एकजुट कर सकता है। सांस्कृतिक विरासत, वित्तीय साक्षरता और क्षेत्रीय भ्रमण जैसे पहलुओं ने इस कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बना दिया।


