
मिथिला क्षेत्र के मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड के सिंगियौन गांव के निवासी संजय झा को नाइजीरिया में उनकी 16 वर्षों की समाज सेवा के लिए ‘चीफ’ की उपाधि से सम्मानित किया गया है। नाइजीरिया के सांगो, ओटा, ओगुण स्टेट, लागोस के किंग ने उन्हें ‘एआईयेटोरो एडुरास मुपिन ओटा के प्रमुख अमुलुदुन’ की उपाधि प्रदान की है। यह सम्मान उनकी समाज सेवा और मानवीय कार्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
संजय झा हैं नारायण चैरिटी के चेयरमैन और नारायण ट्रेडिंग कंपनी के सीईओ
संजय झा नारायण चैरिटी के चेयरमैन और नारायण ट्रेडिंग कंपनी के सीईओ हैं। नाइजीरिया में रहते हुए, उन्होंने स्थानीय समुदाय के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इनमें जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान, और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना शामिल है। उनका मानना है कि समाज सेवा हमेशा से उनका मुख्य लक्ष्य रहा है।
संजय झा की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और गांव, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र को गर्वित किया है। उनकी इस सफलता से यह संदेश मिलता है कि समर्पण और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है। उनकी कहानी उन सभी के लिए प्रेरणादायक है जो समाज सेवा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।
नाइजीरिया में ‘चीफ’ की उपाधि प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो वहां की संस्कृति और समाज में उच्च स्थान का प्रतीक है। संजय झा को यह सम्मान मिलना उनकी 16 वर्षों की अथक मेहनत और समाज सेवा का परिणाम है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत और विशेष रूप से बिहार-मिथिला क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है।
मिथिला के विकास के लिए सजग है संजय झा
संजय झा ने अपने गृह राज्य बिहार, विशेषकर मिथिला और मधुबनी क्षेत्र के विकास में योगदान देने की इच्छा जताई है। उनका मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करके इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है। उनकी यह सोच उनके समाज सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
संजय झा की इस उपलब्धि ने यह साबित किया है कि सीमाओं के पार भी समाज सेवा की जा सकती है और उसकी मान्यता भी मिलती है। उनकी कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। उनकी यह सफलता यह भी दर्शाती है कि भारतीय प्रवासी अपने कर्मभूमि में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और वहां की समाज में सम्मानित स्थान प्राप्त कर सकते हैं।
संजय झा की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। उनकी इस सफलता से मिथिला क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी यह कहानी समाज सेवा के प्रति समर्पण और मेहनत की मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।