
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टमैथिली साहित्य महासभा का भव्य आयोजन
मैथिली साहित्य महासभा (मैसाम) ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर ग्यारहवां वार्षिकोत्सव भव्य रूप से मनाया। यह आयोजन गोल मार्केट, नई दिल्ली स्थित मुक्तधारा सभागार में हुआ, जो दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक चला। कार्यक्रम की शुरुआत कुलदेवी की आराधना एवं दीप प्रज्वलन से हुई। पूरे सभागार को फूलों से सजाया गया था, जिससे आयोजन स्थल का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा।
पहला सत्र – मैथिली कवि गोष्ठी
कार्यक्रम का पहला सत्र मैथिली साहित्य महासभा (मैसाम) अध्यक्ष श्री राहुल झा के अभिभाषण से शुरू हुआ। इसके बाद मैथिली कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें स्थापित एवं नवोदित कवियों ने अपनी कविताओं और ग़ज़लों का पाठ किया। इस गोष्ठी में लगभग 15 कवियों ने भाग लिया। इस सत्र की अध्यक्षता श्री मणिकांत झा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री आनंद झा एवं मैसाम अध्यक्ष श्री राहुल झा उपस्थित रहे।
गोष्ठी का संचालन प्रसिद्ध गायिका श्रीमती सोनी चौधरी ने किया। इस सत्र में भवेश झा, अर्चना झा, नीरज झा, सुजीत कुमार, अखिलेश मिश्र, आभा झा, जयंती झा, कविता पाठक, सुधा ठाकुर, आनंद दास, अवनिश अभिनव, सांत्वना मिश्र, राज किशोर मिश्र, प्रभा झा एवं हेमंत झा जैसे प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
दूसरा सत्र – विचार गोष्ठी
दूसरे सत्र में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका विषय था – “आचार्य रामलोचन शरण: व्यक्तित्व और कृतित्व”।
इस संगोष्ठी की अध्यक्षता मैथिली के प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. गंगेश गुंजन ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री बुद्धिनाथ मिश्र, श्री मुकेश दत्त एवं श्री अरुण कुमार मिश्र ने अपने विचार प्रस्तुत किए। संगोष्ठी का संचालन श्री संजीव सिन्हा ने किया। इस दौरान स्मृति शेष आचार्य रामलोचन शरण के साहित्यिक योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे श्रोता अत्यंत प्रभावित हुए।
तीसरा सत्र – “मैसाम सम्मान-2025” का वितरण
इस वार्षिक आयोजन में मैथिली साहित्य में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र मल्लिक को “मैसाम सम्मान-2025” से सम्मानित किया गया।
इस सम्मान के तहत उन्हें –
- रु. 31,000 की नगद राशि,
- मिथिला पेंटिंग से सुसज्जित पाग-दोपटा,
- प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इसके साथ ही, श्री संजीव सिन्हा एवं श्री उज्जवल कुमार झा के संयुक्त संपादन में प्रकाशित मैसाम की अर्द्धवार्षिक पत्रिका “अपूर्वा” का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर श्रीमती कविता पाठक एवं श्री आनंद दास की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
चौथा सत्र – सांस्कृतिक संध्या
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसका संचालन श्री हेमंत झा ने किया।
इस अवसर पर मैथिली के प्रसिद्ध कलाकारों ने संगीत एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
- आदरणीय अवनींद्र ठाकुर,
- श्रीमती सोनी चौधरी,
- श्री देवानंद झा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से कार्यक्रम को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
आभार एवं समापन
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. गंगेश गुंजन, श्री बुद्धिनाथ मिश्र, श्री उमेश मिश्र (चेतना समिति, पटना), श्री विजय चंद्र झा (अखिल भारतीय मिथिला संघ), श्री मणिकांत झा, श्री मुकेश दत्त सहित कई गणमान्य साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में सीए आशीष नीरज ने सभी उपस्थित साहित्यकारों, अतिथियों एवं मातृभाषा प्रेमियों को सहयोग और सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।


