
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के माहौल में नेपाल में मौजूद पांच Bangladesh नागरिकों पर खुफिया एजेंसियों की सख्त नजर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार ये सभी व्यक्ति बांग्लादेश की राजधानी ढाका से नेपाल पहुंचे थे और तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि तीन महीने पहले ये लोग काठमांडू के रास्ते नेपाल के राजविराज पहुंचे, जहां से वे सुनसरी जिले की ओर चले गए। वहां रहकर इन्होंने विभिन्न मस्जिदों में धर्म से जुड़ी गतिविधियां कीं और स्थानीय लोगों के संपर्क में भी आए।
सूत्रों के अनुसार ये लोग अब नेपाल के सप्तरी जिले की ओर बढ़ गए हैं। यह क्षेत्र भारत से सटा हुआ है, इस कारण इनकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है। इन बांग्लादेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश की संभावना को देखते हुए खुफिया विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अभी तक वे नेपाल की ही सीमा में देखे गए हैं लेकिन उनका आचरण और उद्देश्य क्या है, यह लगातार जांच का विषय बना हुआ है।
Bangladesh के पांचों लोग की नीयत संदिग्ध, नेपाल में कर रहे हैं भड़काव काम
इन पांचों लोगों का वीजा पहले 21 मई तक ही मान्य था, जिसे अब 30 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। खुफिया विभाग के अनुसार भारत-नेपाल सीमा काफी संवेदनशील मानी जाती है और यहां किसी भी प्रकार की गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सीमावर्ती इलाकों में चीन और पाकिस्तान समर्थित कुछ समूह पहले से सक्रिय हैं, जिनकी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है।
भारत-पाक सीमा पर जारी तनाव का असर नेपाल से लगी भारतीय सीमा पर भी देखा जा रहा है। अररिया से सटे कई सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जोगबनी को छोड़कर बाकी सभी रास्तों पर शाम 6 बजे के बाद आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बल, एसएसबी और पुलिस लगातार संयुक्त बैठकें कर रहे हैं ताकि स्थिति पर नियंत्रण बना रहे।


