
बिहार: बिहार में भूमि से जुड़े मामलों के निपटान को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फैसला लिया है कि अब बिहार भूमि पोर्टल पर जरूरी मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी. इस बदलाव का सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा, जिनके आवेदन लंबे समय से लंबित हैं और जिन्हें अब तक समाधान नहीं मिल पाया है.
इस निर्णय के बाद प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है और लोगों को समय पर न्याय मिलने का रास्ता आसान होगा.
बिहार भूमि पोर्टल पर FIFO व्यवस्था क्यों रोकी गई
पहले इस पोर्टल पर FIFO यानी पहले आए, पहले पाएं के आधार पर आवेदनों का निपटान किया जाता था. इस व्यवस्था में पुराने आवेदन पहले पूरे किए जाते थे, जिससे कई जरूरी मामलों में देरी हो जाती थी.
- संवेदनशील मामलों में देरी को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया.
- जरूरी फाइलों पर पहले काम करने की सुविधा दी गई.
- अधिकारियों को प्राथमिकता तय करने का अधिकार मिला.
- आवेदनों के निपटान की प्रक्रिया को तेज करने का लक्ष्य रखा गया.
इस व्यवस्था को फिलहाल 30 जून 2026 तक स्थगित रखा गया है और इसके बाद समीक्षा की जाएगी.
SC-ST और जन शिकायत मामलों पर रहेगा विशेष ध्यान
नई व्यवस्था के तहत अब उन मामलों को पहले निपटाया जाएगा, जो सामाजिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि SC-ST वर्ग से जुड़े भूमि मामलों और जन शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी.
- SC-ST वर्ग के मामलों का तेजी से निपटान होगा.
- जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा.
- लंबे समय से लंबित मामलों को पहले देखा जाएगा.
- लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
इसके साथ ही नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर को पोर्टल में तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था बिना किसी परेशानी के लागू हो सके.
इस आदेश को सभी जिलों और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि प्राथमिकता वाले मामलों का जल्द निपटान करें, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
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