
Bihar Mining Department Revenue का अगला टारगेट 3800 करोड़ रुपए है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने यह घोषणा की है। खनन विभाग पहले ही 3252 करोड़ रुपए वसूल कर चुका है और आने वाले महीनों में कार्य विभागों और घाटों से 550 करोड़ और जमा करने की योजना है।
खनन राजस्व में शानदार वृद्धि देखी जा रही है। 2021-22 में यह आंकड़ा सिर्फ 1600 करोड़ रुपए था, लेकिन 2024-25 तक दोगुना होकर 3536 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 10 से ज्यादा जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व जमा किए हैं। इस Bihar Mining Department Revenue मामले में जो अपडेट सामने आया है, वह यही है।
Bihar Mining Department Revenue: राजस्व में दोगुनी वृद्धि, बिहार खनन विभाग का 3800 करोड़ लक्ष्य
सिन्हा का संदेश कंपनियों के लिए कड़ा है। 78 बालू घाटों ने अपने राजस्व लक्ष्य पूरा किए बिना ही इन्हें सरेंडर कर दिया। ऐसी सभी कंपनियों को आने वाले बालू घाट टेंडरों में शामिल होने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। यह अनुशासन बनाए रखने की नीति है।
केंद्र सरकार की ओर से भी बड़े अवसर आए हैं। चार खनिज ब्लॉक का टेंडर किया गया है – रोहतास में तीन ब्लॉक (ग्लूकोनाइट) और गया में एक ब्लॉक (निकेल, क्रोमियम, प्लेटिनियम के खनिज पदार्थ)।
लक्ष्य न पूरा करने वाली कंपनियों को फिर से टेंडर मौका नहीं
सिन्हा ने अवैध खनन पकड़ने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। 24 लोगों को बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार से नवाजा गया, हर व्यक्ति को 5,000 रुपए सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इससे पहले 12 मार्च को 72 लोगों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है।
यह योजना अवैध खनन में शामिल ट्रैक्टर पकड़ वाने पर 5,000 रुपए और ट्रक पकड़वाने पर 10,000 रुपए का इनाम देती है। इसके जरिए सरकार जमीनी स्तर पर अवैध खनन की निगरानी को मजबूत कर रही है।
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