
Bihar news:पटना में हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा तेलंगाना मॉडल पर फिर से जातीय जनगणना कराने के माँग के बाद बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है। एक के बाद एक बीजेपी नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और आरक्षण विरोधी रहा है।
उनका तर्क है कि दलितों के नाम पर आंसू बहाने वाली कांग्रेस ने कुछ महीने पहले अमेरिका में दलितों और पिछड़ों का आरक्षण खत्म करने का बयान भी दिया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पटना आकर जातिगत जनगणना के बाद समाज में उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पांडेय का कहना है कि राहुल गांधी को राज्य में कराए गए जातिगत सर्वेक्षण की आधारभूत जानकारी भी नहीं पता है।
कांग्रेस है आरक्षण विरोधी,राजीव गांधी ने किया था मंडल आयोग का विरोध – मंगल पांडेय
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कांग्रेस दलित कोटे से 4 प्रतिशत आरक्षण काटकर अल्पसंख्यकों को देने की मंशा दिखा रही है। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो अपने एजेंडे के अनुरूप पिछड़े, अति पिछड़े और आदिवासी वर्गों का आरक्षण छीन लेगी। पांडेय ने यह भी याद दिलाया कि नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक कांग्रेस आरक्षण के खिलाफ रही है, क्योंकि उनका मानना था कि आरक्षण देने से सरकारी सेवाओं का स्तर गिर जाएगा। इसी वजह से केंद्र की कांग्रेस सरकारों ने काका कालेलकर कमेटी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और मंडल आयोग की रिपोर्ट को दस साल तक दबाए रखा।
मंगल पांडेय ने आगे कहा कि राहुल गांधी के पिता, राजीव गांधी ने संसद में खड़े होकर मंडल आयोग की रिपोर्ट के लागू होने का कड़ा विरोध किया था। आज राहुल गांधी, जिनकी बातें अक्सर विवादास्पद रहती हैं, देश में जातिगत सर्वेक्षण कराने की बात कर रहे हैं।
पांडेय ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी को 2015 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए जातिगत सर्वेक्षण की रिपोर्ट दस साल तक सार्वजनिक न करने का कारण क्या है। उनका मानना है कि राहुल गांधी को इस मुद्दे का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।


