
दरभंगा: “मेरे भाई ने ही मेरे पति की हत्या कर दी। मुझे इसका डर पहले से था। भाई को सजा तो मिल जाएगी, लेकिन क्या उससे मेरा पति वापस आ जाएगा?” – ये दर्द भरे शब्द हैं दरभंगा की 30 वर्षीया गायत्री देवी के, जिनके पति शिवशंकर ठाकुर को शादी के महज कुछ दिन बाद उन्हीं के भाई ने चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया।
पाँच साल की प्रेम कहानी, परिवार का विरोध और कोलकाता में शादी
गायत्री और शिवशंकर ठाकुर दोनों सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के असथुआ गांव के रहने वाले हैं और दोनों के घर आमने-सामने हैं। बचपन से परिचय था, आना-जाना था। करीब पांच साल पहले दोनों ने एक-दूसरे को प्रपोज किया और रिश्ता आगे बढ़ा। शिवशंकर कोलकाता में कैब ड्राइवर था, जबकि गायत्री गांव में जीविका समूह से जुड़ी थी।
करीब छह महीने पहले दोनों ने घर में शादी की बात की। शिवशंकर के परिवार को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन गायत्री के माता-पिता और भाई ने साफ मना कर दिया। उनका तर्क था कि जाति अलग है और लड़की का ससुराल घर के ठीक सामने हो, यह समाज में स्वीकार नहीं होगा। परिवार के इनकार के बाद गायत्री ने भागकर शादी करने का फैसला किया। 16 मार्च को वह घर से निकली और 17 मार्च को दोनों ने कोलकाता के एक मंदिर में शादी कर ली।
गायत्री के घर से गायब होने के बाद पिता गुलाब राय ने थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के दबाव में शिवशंकर के माता-पिता ने दोनों को दरभंगा बुलाया। 24 मार्च को दोनों घर लौटे। गायत्री थाने पहुंची, पुलिस ने उनके पिता को सूचित किया और पिता ने एक ही शर्त रखी:ससुराल में मत रहना, दूर किराए का मकान लो।
दरभंगा हत्याकांड: आगाह करती रही गायत्री, पर ससुराल वाले जबरन घर ले आए
गायत्री ने बताया कि उन्होंने पति के साथ भरवाड़ा में किराए का मकान भी देखा था, लेकिन ससुराल के लोग नहीं माने और दोनों को जबरन घर ले आए। गायत्री ने बार-बार चेताया कि उनका भाई आलोक गुस्से में है और पहले ही धमकी दे चुका है कि अंजाम ठीक नहीं होगा। लेकिन ससुराल वालों ने समझाने की कोशिश की कि मिलकर हल निकाल लेंगे।
28 मार्च की रात चैत नवरात्र में मूर्ति विसर्जन का माहौल था। भाई आलोक ने शिवशंकर को तीन बार फोन किया। गायत्री ने कॉल न उठाने दिया, लेकिन चौथी बार शिवशंकर ने खुद फोन उठा लिया और बाहर जाकर बात करने की बात कही। इसी दौरान शिवशंकर के देवर और आलोक के बीच बाहर झगड़ा शुरू हो गया। जब गायत्री बाहर निकली, तब तक आलोक चाकू मारकर शिवशंकर को घायल कर चुका था।
मृतक की बहन अनीता देवी, जो उस वक्त मौके पर मौजूद थीं, ने बताया कि आलोक ने शिवशंकर के पेट और सीने पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। शिवशंकर खून से लथपथ होकर उन्हीं के ऊपर गिर पड़ा और कह रहा था – “दीदी, अब मैं नहीं बचूंगा।” अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक की मां वीणा देवी ने बताया कि वे नवंबर में बेटे की शादी कहीं और तय करने की सोच रही थीं।
कमतौल एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि वारदात प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विरोध से उपजे विवाद का नतीजा है। पुलिस ने लड़की के भाई आलोक राय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
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