
फुलपरास: स्थानीय थाना पुलिस ने बुधवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए सिसवार गांव में छापेमारी कर 29 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह पूरी कार्रवाई फुलपरास पुलिस की गुप्त सूचना पर की गई जिसके आधार पर एक बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने का पता चला था। गुरुवार को थाना परिसर में प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि फुलपरास थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य को सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में गांजा दिल्ली भेजने की तैयारी की जा रही है।
सूचना मिलते ही एसडीएम फुलपरास को जानकारी दी गई जिसके बाद दंडाधिकारी के रूप में बीडीओ अतुल कुमार सिंह को छापेमारी दल के साथ भेजा गया। पुलिस टीम के सिसवार गांव निवासी मो. मोइद्दीन के घर पहुंचते ही चार लोग भागने लगे। मौके से एक उजाला बोरी, एक ट्रॉली बैग और एक कंधा बैग बरामद हुआ जिसमें कुल 29 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इसके अलावा पुलिस ने एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया है।
फुलपरास के सिसवार में छापेमारी में पुलिस ने कैसे पकड़ा तस्करी का नेटवर्क
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पीछा कर दो युवकों मो. फारुख और मो. शाहरुख को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि भागने वालों में उनका पिता मो. मोइद्दीन और लौकही थाना क्षेत्र के मनसापुर गांव निवासी संतोष कुमार शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में फुलपरास थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को झंझारपुर जेल भेज दिया गया है जबकि फरार दो अन्य तस्करों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। एसडीपीओ ने कहा कि फुलपरास में नशा कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और यह बरामदगी इस नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी और फुलपरास क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ सख्त निगरानी रखी जाएगी।


