
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टमधुबनी: मधुबनी जिला के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री अनामिका टी. ने ग्राम विकास युवा ट्रस्ट को लोक अदालत में सहयोग, समुदाय के बच्चों और महिलाओं को कानूनी सलाह प्रदान करने, तथा सामाजिक सुरक्षा और मुआवजा दिलाने में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। ट्रस्ट के प्रबंधन निर्देशक नरेंद्र कुमार सिंह ने यह सम्मान ग्रहण किया।
ग्राम विकास युवा ट्रस्ट की पोस्को मामलों में रही है अहम भूमिका
नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन्स एलाइंस के साथ मिलकर वर्ष 2002 से अब तक 132 पोस्को मामलों में पीड़िताओं को कानूनी सहायता प्रदान की गई है। इनमें से 46 मामले जिले की दोनों पोस्को अदालतों में सफलतापूर्वक निपटाए गए हैं। ट्रस्ट ने पीड़िताओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ 2.5 करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ट्रस्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के साथ समन्वय करके लोक अदालतों में गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के मामलों का निपटारा करवाया। इसके अलावा, पोस्को पीड़िताओं, उनके परिवारों और गवाहों को न्यायालय में समय पर उपस्थित कराने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सहयोग किया।
प्रधान जिला न्यायाधीश सुश्री अनामिका टी. ने ट्रस्ट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और उनके अधिकारों की रक्षा में ग्राम विकास युवा ट्रस्ट का योगदान अद्वितीय है।” उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को कानूनी सशक्तिकरण प्रदान करने के प्रयासों को रेखांकित किया।
नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा, “यह सम्मान हमारी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य हाशिए पर खड़े लोगों को न्याय तक पहुँचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।” उन्होंने प्रधान जिला न्यायाधीश और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में और प्रभावी कार्य करने का संकल्प दोहराया।


