
इंडियन एक्सप्रेस द्वारा जारी ‘India के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों’ की वार्षिक सूची ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। इस साल के संस्करण में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पिछली रैंकिंग से तीन पायदान की छलाँग लगाते हुए 21वां स्थान हासिल किया है। वहीं, राज्य के दो अन्य युवा नेताओं – केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव – ने भी इस सूची में प्रवेश पाया है, लेकिन उनकी रैंकिंग में उतार-चढ़ाव ने विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।
CM नीतीश कुमार के ‘सुशासन बाबू’ के छवि से दबदबा बरकरार
2023 में 24वें स्थान पर रहने के बाद इस बार नीतीश कुमार की रैंकिंग में सुधार ने साबित किया कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी प्रासंगिकता अभी कम नहीं हुई है। अखबार ने उन्हें “राजनीतिक समीकरणों के माहिर खिलाड़ी” बताते हुए उनकी क्षेत्रीय पार्टी को राष्ट्रीय गठबंधनों में महत्वपूर्ण भूमिका का श्रेय दिया है। यह उपलब्धि तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और जीतन राम मांझी को लगातार दूसरे वर्ष भी इस सूची में जगह नहीं मिली।
चिराग पासवान का पहली बार सूची में दस्तक
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने इस साल सीधे 59वें स्थान के साथ पावर लिस्ट में शानदार एंट्री की है। केंद्र में मंत्री पद संभालने और हाशिये के समुदायों में अपनी पैठ मजबूत करने को उनकी सफलता का आधार माना जा रहा है। यह उपलब्धि उनके लिए विशेष है क्योंकि पिछले वर्ष उनका नाम इस सूची में शामिल नहीं था।
तेजस्वी यादव के रैंकिंग में गिरावट के बावजूद मौजूदगी
राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता तेजस्वी यादव की स्थिति में उतार देखने को मिला है। पिछले साल 73वें स्थान पर रहने के बाद इस बार वे 86वें पायदान पर खिसक गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि 2024 के चुनाव में बिहार में एनडीए की वापसी और आरजेडी के प्रदर्शन ने उनकी छवि को प्रभावित किया होगा। हालांकि, विपक्ष के मुख्य नेता के तौर पर उनका सूची में बने रहना यह संकेत देता है कि उन्हें अभी भी भविष्य का प्रमुख खिलाड़ी माना जा रहा है।
India में राष्ट्रीय स्तर पर कौन बाजी मार रहा?
इस सूची के शीर्ष पांच स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण काबिज हैं। टॉप 10 में योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल हैं।
भारत के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों का कैसे तय होती है रैंकिंग?
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, यह सूची राजनीतिक प्रभाव, नीतिगत निर्णयों में भूमिका, सार्वजनिक छवि और संस्थागत हैसियत जैसे मानकों पर आधारित होती है। बिहार से तीन नेताओं का चयन राज्य की राष्ट्रीय राजनीति में बनी हुई प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। हालांकि, लालू परिवार के वरिष्ठ नेताओं का लगातार दूसरे साल भी सूची से बाहर रहना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी का दबदबा बढ़ रहा है?
नीतीश कुमार के लिए यह रैंकिंग 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। वहीं, चिराग पासवान के लिए यह राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर है। तेजस्वी यादव को इस गिरावट के बावजूद अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी।


