
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टझंझारपुर: जीएसटी विभाग ने आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के जरिए ही कर चुकाने वाले व्यवसायियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। विभागीय ऑकड़ों की समीक्षा में खुलासा हुआ है कि बड़ी संख्या में व्यवसायी नगद (कैश) में कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं और पूरी करदेयता सिर्फ आइटीसी से पूरी करते हैं। झंझारपुर अंचल प्रभारी राजन कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि जीएसटी एक्ट 2017 की धारा 74 के तहत जानबूझकर कर चोरी करने वालों पर कर + जुर्माना + ब्याज वसूला जाएगा और धारा 79 के अंतर्गत बैंक खाते फ्रीज करने जैसी कार्रवाई भी होगी।
झंझारपुर अंचल में 2017 से अब तक नगद टैक्स नहीं देने वालों पर निशाना
झंझारपुर अंचल के अंचल प्रभारी श्री राजन कुमार श्रीवास्तव ने बताया, “कई व्यवसायी ऐसे हैं जिन्होंने वर्ष 2017-18 से आज तक एक रुपया भी कैश में टैक्स जमा नहीं किया। यह कानून का खुला उल्लंघन है, क्योंकि सकल लाभ पर नगद कर देना वैधानिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि “ऐसे मामलों में विभाग को यह साबित करना होगा कि कर अपवंचना जानबूझकर की गई है। सबूत मिलते ही कार्यवाही तेज की जाएगी।”
विभाग ने झंझारपुर के ईट भट्टा व्यवसायियों और कार्य संवदेकों के डेटा को प्राथमिकता से स्कैन करना शुरू कर दिया है। श्रीवास्तव ने कहा, “यह महीना कर संग्रह के लिहाज से अहम है, इसलिए सभी गैर-अनुपालनकर्ताओं को चिन्हित कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “जिनका नकद कर भुगतान अपेक्षित स्तर से कम है, उनकी फाइनेंशियल गतिविधियों की बारीकी से जाँच होगी।”
विभाग की ओर से व्यवसायियों को सलाह दी गई है कि वे कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए अपनी नगद करदेयता पूरी करें। श्रीवास्तव ने कहा, “आइटीसी का उपयोग वैध है, लेकिन कैश टैक्स चुकाना अनिवार्य है। गलतियाँ सुधारने का यह अंतिम मौका है, नहीं तो कानूनी कार्रवाई से बच नहीं पाएँगे।”


