
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टबिहार सरकार के उद्योग और पर्यटन मंत्री श्री नीतीश मिश्रा सोमवार को Jhanjharpur स्थित सम्राट अशोक भवन में आयोजित जागरूकता शिविर में शामिल हुए। यह शिविर खादी और ग्रामोद्योग आयोग, पटना द्वारा ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत चमड़ा और फुटवियर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था।
Jhanjharpur में कार्यक्रम के दौरान 100 लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय क्रैश कोर्स और टूलकिट वितरण
Jhanjharpur में कार्यक्रम के दौरान चमड़ा और फुटवियर रिपेयरिंग से जुड़े 100 लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय क्रैश कोर्स का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी, व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थियों को टूलकिट भी प्रदान किया गया, जिससे वे अपनी आजीविका को और बेहतर ढंग से आगे बढ़ा सकें।
मंत्रालय और खादी आयोग का उद्देश्य इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना है। चमड़ा और फुटवियर उद्योग से जुड़े लोग अक्सर पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन इस प्रशिक्षण से उन्हें नए कौशल सीखने का अवसर मिला, जिससे वे अपने कार्य को और अधिक कुशलता और आधुनिकता के साथ कर सकें।
इस कार्यक्रम में खादी और ग्रामोद्योग आयोग, पूर्वी क्षेत्र के सदस्य श्री मनोज कुमार सिंह, राज्य निदेशक डॉ. मोहम्मद हनीफ मेवाती, सहायक निदेशक डॉ. एस. के. भुयान, Madhubani जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री रमेश कुमार, झंझारपुर के अनुमंडल पदाधिकारी श्री कुमार गौरव समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और प्रशिक्षुओं ने भी इस शिविर में भाग लिया।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने संबोधन में उद्यमिता को बढ़ावा देने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका पर दिया ज़ोर
मंत्री नीतीश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं और इन्हें बढ़ावा देना स्थानीय विकास और स्वरोजगार के लिए बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग के तहत ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने स्वयं के व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में रोजगार के अपार अवसर हैं और सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। इस तरह के कार्यक्रमों से न केवल लोगों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अपने व्यवसाय को और अधिक कुशलता और आधुनिकता के साथ संचालित कर सकेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी लाभार्थियों और कार्यक्रम के आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि सरकार उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए आगे भी इस तरह के प्रयास करती रहेगी।


