
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टझंझारपुर प्रखंड के पिपरौलिया पंचायत के नवानी गांव में रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट अड़रियासंग्राम द्वारा किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पंचायत कृषि कार्यालय नवानी परिसर में हुआ, जिसका मुख्य विषय टिकाऊ खेती और जैविक खाद को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अमरजीत कुमार मंडल ने की। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती केवल पारंपरिक तरीके से करना अब व्यावसायिक रूप से उपयोगी नहीं रह गया है। अब समय आ गया है जब हमें पुराने तरीकों को समझते हुए उसमें आधुनिक तकनीक और सोच को जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि जैविक खेती न केवल मिट्टी को उपजाऊ बनाती है, बल्कि इससे फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है और उत्पादन लागत कम होती है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि सरकार की कई योजनाएं ऐसी हैं, जिनसे किसानों को फायदा मिल सकता है। किसान यदि खुद को कृषि विभाग में पंजीकृत करवा लेते हैं तो उन्हें वर्मी बेड जैसी योजनाओं के लिए आवेदन का मौका मिलता है। वर्मी खाद बनाकर किसान खेत में रासायनिक खाद की जगह जैविक विकल्प अपना सकते हैं जिससे खेती अधिक लाभदायक बन सकती है।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के संरक्षक मोहम्मद सादुल्लाह ने कहा कि आज भी कृषि एक अच्छा आय का जरिया है। किसानों को चाहिए कि वे सब्जी, दाल, तेलहन और मोटे अनाज जैसी फसलों की खेती करें, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलियन ऐड और रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट मिलकर किसानों को जैविक खाद, टिकाऊ खेती और स्मार्ट खेती के तौर-तरीकों पर प्रशिक्षण देंगे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस मौके पर महिला किसान नैना देवी, ममता देवी, ललिता देवी, पूनम देवी, किरण देवी, मंजू देवी, संगीता देवी सहित कई लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम से किसानों को न केवल जागरूकता मिली, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ठोस रास्ता भी मिला।


