
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टदरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड स्थित श्री जगदीश नारायण ब्रह्मचर्याश्रम लगमा में आयोजित लक्षचण्डी एवं अतिविष्णु महायज्ञ का शुभ अवसर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना। इस पावन भूमि पर महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं को अनेक संतों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का माहौल बना।
लगमा लक्षचण्डी एवं अतिविष्णु महायज्ञ में दरभंगा राज परिवार की उपस्थिति से बना एक दिव्य वातावरण : जदयू नेता – संजीव झा
युवा जदयू नेता संजीव कुमार झा ने बताया कि इस अवसर पर दरभंगा राज परिवार की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को एक दिव्य स्वरूप प्रदान किया। युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह की उपस्थिति ने न केवल धार्मिक महत्त्व को बढ़ाया बल्कि गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर की याद भी दिलाई। उनका यह योगदान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
इस महायज्ञ में कुमार कपिलेश्वर सिंह का शामिल होना समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति गर्व का अनुभव कराने वाला क्षण रहा। श्री झा ने कहा कि दरभंगा राज परिवार का इतिहास सदैव गौरवशाली रहा है और उनकी यह भागीदारी उस परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया गया, जिससे समाज को एकजुट करने का संदेश मिला।
इस पावन आयोजन ने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह की उपस्थिति से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया, जिससे युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक होगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में शांति, सद्भावना और एकता को भी प्रोत्साहित करेगा।


