मधुबनी जिले के लौकहा थाना क्षेत्र स्थित मधपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 21 वर्षीय राजा बाबू का शव बेंगलुरु में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। राजा बाबू, जो मधपुर गांव के निवासी दिनेश यादव के पुत्र थे, ने पिछले तीन महीने से बेंगलुरु में मजदूरी शुरू की थी। जानकारी के अनुसार, राजा बाबू की शादी एक साल पहले हुई थी, और उनकी एक छोटी बच्ची भी थी।

मधुबनी लौकही में राजा बाबू की आत्महत्या की आशंका
राजा बाबू का शव शनिवार की रात उनके कमरे में एक मजदूर द्वारा फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह सूचना जैसे ही उनके गांव में पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। राजा बाबू के माता-पिता, दिनेश यादव और सुनीता देवी ने बताया कि उनका बेटा हर रोज घर से फोन पर बात करता था और किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी का संकेत नहीं दे रहा था। वह अपने परिवार के लिए काम करने बेंगलुरु गया था और घर में किसी तरह की आपसी अनबन या दुश्मनी की कोई जानकारी नहीं थी।
मौत की असल वजह का खुलासा नहीं
परिजनों का कहना है कि राजा बाबू किसी कारणवश आत्महत्या क्यों करेगा, यह सवाल अब तक अनुत्तरित है। वे बताते हैं कि राजा बाबू अपने परिवार से बहुत प्यार करता था और उनकी मानसिक स्थिति भी सामान्य थी। इस संदर्भ में पुलिस भी जांच कर रही है, लेकिन अभी तक आत्महत्या की ठोस वजह का पता नहीं चल सका है।
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बेंगलुरु से राजा बाबू का शव एयर एंबुलेंस के माध्यम से दरभंगा लाया गया, जहां से सड़क मार्ग द्वारा शव मधपुर गांव पहुंचाया गया। राजा बाबू का अंतिम संस्कार उनके गांव में बड़े ही दुःख के साथ किया गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।राजा बाबू की आत्महत्या के मामले में जांच जारी है, और परिजनों का मानना है कि किसी कारणवश उनके बेटे ने ऐसा कदम उठाया होगा। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि मृतक की मौत के असली कारण का पता चल सके।