
Madhepura जिले में एक अत्याधुनिक मॉडल सदर अस्पताल का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है जिसके पूरा होने से न केवल मधेपुरा बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह अस्पताल 300 बेड की क्षमता वाला एक आधुनिक सात मंजिला भवन है, जिसका निर्माण 32 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में प्लास्टर, बिजली और रंग-रोगन के कार्य में तेजी लाई जा रही है और अनुमान है कि मई-जून तक इसे हैंडओवर कर दिया जाएगा।
Madhepura मॉडल सदर अस्पताल उन्नत सुविधाओं से लैस
Madhepura मॉडल सदर अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यहां पीक्यू, आईसीयू, एनआईसीयू, डायलिसिस, सीटी स्कैन, एक्स-रे तथा पैथोलॉजी जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। प्रशासन का कहना है कि इससे गंभीर बीमारियों या दुर्घटना के मामलों में मरीजों को तुरंत इलाज के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित हो सके।
इस अस्पताल के चालू होने से Madhepura जिले के लगभग 20 लाख लोगों को लाभ मिलने की संभावना है, खासकर उन 170 पंचायतों के ग्रामीण इलाकों को जिन्हें अब उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का सहारा लेना पड़ता था। इस कदम से स्थानीय जनता को बेहतर, त्वरित और किफायती चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन मामलों में भी राहत मिलेगी।
CM नीतीश कुमार ने रखी थी 2021 में Madhepura मॉडल सदर अस्पताल की आधारशिला
बिहार के CM नीतीश कुमार ने 14 दिसंबर 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से Madhepura मॉडल सदर अस्पताल की आधारशिला रखी थी। मुख्यमंत्री के इस कदम ने प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया। इस आधारशिला स्थापना के बाद से ही विभिन्न विभागों द्वारा अस्पताल के निर्माण कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस अस्पताल के निर्माण से कोसी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार आएगा। नई तकनीकों और उन्नत चिकित्सा उपकरणों से लैस यह अस्पताल न केवल रोगियों के इलाज में सहायक होगा, बल्कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल के निर्माण से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और स्थानीय लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।
वित्तीय दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को एक मॉडल माना जा रहा है। 32 करोड़ रुपये की इस लागत से निर्माण कार्य को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय किया जा रहा है। जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ मिलकर, निर्माण कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि योजना समय पर पूरी हो सके। इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से बिजली, पानी, सड़क परिवहन जैसी अन्य सुविधाओं में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।


