
Madhubani जिले में संचालित विशिष्ट दत्तक गृह में पल रही एक नन्हीं बालिका को अब नया जीवन और नया परिवार मिल गया है। यह बच्ची केवल 9 महीने की है, जिसे दुबई में रहने वाले एक दंपत्ति ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गोद लिया है। बच्ची पिछले 5 महीनों से दत्तक गृह में रह रही थी और अब उसे अपना स्थायी परिवार मिल गया है।
गोद देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में पूरी हुई। मधुबनी के जिलाधिकारी श्री अरविंद कुमार वर्मा ने स्वयं बच्ची को दंपत्ति को सौंपा। इस मौके पर प्रशिक्षु सहायक समाहर्ता श्री विरूपक्ष विक्रम सिंह भी उपस्थित रहे। गोद लेने के समय दंपत्ति बेहद भावुक और प्रसन्न नजर आ रहे थे।
Madhubani के जिलाधिकारी श्री अरविंद कुमार वर्मा ने दंपति को बच्ची , विदेश में बिताएगी अपना जीवन
दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से पूरी की गई। बच्ची को सौंपने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज और जांच प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक पूरा किया गया। यह बच्ची अब विदेश में अपने नए माता-पिता के साथ सुरक्षित जीवन बिताएगी।
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक श्री आशीष अमन ने बताया कि दत्तक गृह का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी अनचाहे नवजात को कहीं भी फेंकने या मारने के बजाय उसे सुरक्षित रूप से दत्तक गृह को सौंप दिया जाए। इसके लिए जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पालना की सुविधा दी गई है, जहां लोग गुप्त रूप से नवजात बच्चों को छोड़ सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि दत्तक गृह से गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी होती है, और जो भी दंपत्ति बच्चा गोद लेना चाहते हैं, उन्हें दत्तक गृह के माध्यम से ही आगे आना चाहिए। यहां रहने वाले बच्चों का संपूर्ण देखभाल, पालन-पोषण और इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है।
इस मौके पर दत्तक ग्रहण के समन्वयक भावेश झा भी उपस्थित थे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया का समन्वय किया। यह घटना मधुबनी के लिए एक भावनात्मक और सकारात्मक खबर बन गई, जिसमें एक अनाथ बच्ची को एक नया जीवन और नया परिवार मिला।


