Madhubani जिले के खुटौना प्रखंड और झांझपट्टी गांव में अवैध रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। बिहार एसटीएफ और फुलपरास अनुमंडल पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर इस गन फैक्ट्री का उद्भेधन किया । छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री और उपकरण जब्त किए गए। मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

Madhubani के खुटौना में कृषि उपकरण मरम्मत के आड़ में चल रहा था मिनी गन फैक्ट्री
यह अवैध गन फैक्ट्री “मेसर्स किसान इंजीनियरिंग वर्क्स” के नाम से कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र की आड़ में चलाई जा रही थी। यह फैक्ट्री खुटौना थाना से केवल 700 मीटर की दूरी पर स्थित थी। छापेमारी के दौरान हथियार निर्माण में उपयोग हो रहे उपकरण और सामग्रियां बरामद की गईं।
गन फैक्ट्री का खुलासा होने से खुटौना और झांझपट्टी के लोग स्तब्ध हैं। यह इलाका व्यापारिक क्षेत्र के रूप में शांतिपूर्ण माना जाता था, लेकिन इस घटना ने स्थानीय निवासियों को स्तब्ध कर दिया है। लोगों ने ऐसी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बिहार STF की कार्रवाई से अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश,मुंगेर से जुड़े हैं तार
पुलिस ने फैक्ट्री से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि इस गन फैक्ट्री का तार मुंगेर जिले से जुड़ा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मुंगेर से कुशल कारीगर यहां बुलाए जाते थे। इन कारीगरों ने Madhubani के बाबूबरही थाना क्षेत्र के तेघरा गांव में किराए के मकान में रहकर यह अवैध कार्य किया।
एसटीएफ और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में संचालित अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ है। हालांकि, पुलिस अब भी इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।
खुटौना थाना अध्यक्ष ने कहा कि मामले की जांच गहराई से की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है। वरीय पुलिस अधिकारी शनिवार को इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। पुलिस को उम्मीद है कि मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 12 जनवरी को प्रखंड के दुर्गीपट्टी गांव में “प्रगति यात्रा” के तहत आने वाले हैं।