
भारत-नेपाल सीमा पर Madhubani जिले के खुटौना प्रखंड के ललमनियां और लौकहा थाना क्षेत्र के पास स्थित घोरमोहना गांव नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का गढ़ बन चुका है। यह क्षेत्र प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सामने एक चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां नशीली दवाओं का अवैध व्यापार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
Madhubani border smuggling: ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में SSB ने की कारवाई , लेकिन सवाल बरकरार
मंगलवार को Madhubani के ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एसएसबी और ललमनियां पुलिस ने घोरमोहना गांव के उदयशंकर राम के घर पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त दवाएं जैसे कोरेक्स, नशे के इंजेक्शन, टैबलेट और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए। इसके साथ ही 4,95,985 भारतीय रुपये, 1,09,910 नेपाली रुपये और 27 स्मार्टफोन भी बरामद हुए।

यह मामला वायरल हो गया जब छापेमारी के दौरान नेपाली और भारतीय मुद्रा गिनने के लिए एसबीआई लौकहा से नोट गिनने की मशीन मंगाई गई। पहले भी एसएसबी ने इस अवैध धंधे में संलिप्त अपराधियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई के बजाय आरोपियों को छोड़ दिया गया।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि इस अवैध धंधे में स्थानीय डॉक्टरों और दवा दुकानदारों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, छापेमारी के बावजूद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पूर्व में भी पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने के आरोप लगे हैं।

लौकहा कैंप के एसएसबी के सहायक कमांडेंट अजीत कुमार ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जानकारी बुधवार सुबह उपलब्ध होगी। फिलहाल, जब्त की गई वस्तुओं की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर गश्त बढ़ाकर तस्करी रोकने का प्रयास जारी है।
Madhubani सीमा पर चल रहा है बेरोकटोक तस्करी
घोरमोहना गांव और इसके आसपास का इलाका अवैध शराब और नशीली दवाओं की तस्करी का मुख्य केंद्र बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सीमा पार से ये नशीले पदार्थ बड़ी मात्रा में लाए जा रहे हैं और स्कूली छात्रों तक पहुंच रहे हैं। यह स्थिति युवा पीढ़ी को नशे की लत में धकेल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सीमा पार से अवैध शराब और नशीली दवाएं बड़ी मात्रा में लाई जा रही हैं, जो खुलेआम बेची जा रही हैं और स्कूली एवं कॉलेज के छात्रों तक आसानी से पहुंच रही हैं। नतीजतन, युवा नशे की लत में फंसकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं।एक स्थानीय निवासी ने बताया कि रोजाना बाइक, साइकिल और पैदल लोग सीमा से शराब और नशीली दवाएं लाते हैं। प्रशासन को इस अवैध गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि तस्करी रोकने के लिए सीमा पर गश्त बढ़ाई गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध तस्करी और नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ानी चाहिए और युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
India -Neapal border पर तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बिहार के सीमावर्ती जिलों में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है। सीमावर्ती इलाकों से नशे का खेप लेकर तस्कर प्रवेश करते हैं और आसानी से माल बिहार में प्रवेश कर जाता है। सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाए जाने के बावजूद तस्कर अलग-अलग हथकंडे अपनाकर अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं।


