
मधुबनी: मधुबनी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए राजनगर थाना क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी की घटना का खुलासा कर लिया है। घटना में मधुबनी पुलिस ने बेहद तेजी दिखाते हुए मात्र कुछ ही दिनों में इस मामले को सुलझा लिया। जानकारी के अनुसार, 18 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 11:30 बजे न्यू आसरा इंटरप्राइजेज नामक दुकान का शटर तोड़कर भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाला सरिया, जिसकी कीमत लगभग 1,20,000 रुपये बताई गई थी, चोरी कर लिया गया था।
यह पूरा मामला आवेदक टिंकू कुमार द्वारा राजनगर थाना में दर्ज कराए गए आवेदन के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसके बाद मधुबनी पुलिस सक्रिय हुई। चोरी की यह वारदात क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई थी और इसी को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष जांच की आवश्यकता महसूस की गई। मधुबनी पुलिस ने इस मामले को प्राथमिकता में रखते हुए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच शुरू की और तेजी से अपराधियों के करीब पहुंच गई।
मधुबनी पुलिस द्वारा विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर किया राजनगर चोरी कांड का उद्भेदन
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, मधुबनी द्वारा तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-02 के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई, जिसे चोरी कांड का उद्भेदन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। SIT टीम ने बिना किसी विलंब के जांच प्रारंभ की और तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन, आसपास के CCTV फुटेज तथा स्थानीय स्तर पर आसूचना एकत्र कर सभी बिंदुओं पर जांच की।
मधुबनी पुलिस ने इन सूचनाओं को आधार बनाकर संदिग्धों की गतिविधियों की पहचान की और फिर उन्हें चिन्हित करने में सफलता पाई। आगे की कार्रवाई में पुलिस टीम ने छापेमारी कर चोरी किए गए 12 mm के 150 पीस सरिया, 10 mm के 5 पीस सरिया, 01 मैजिक पिकअप वाहन और 03 मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मधुबनी पुलिस के सामने अपने अपराध को स्वीकार भी किया, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पूरी पारदर्शिता से की गई।
गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी रहे हैं संदिग्ध गतिविधियों में शामिल
पुलिस की कार्रवाई के तहत जिन तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी पहचान शंकर साव, कन्हैया कुमार मुखिया और गोविंद कुमार मुखिया के रूप में की गई है। तीनों आरोपी पंडौल थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि आरोपी स्थानीय क्षेत्रों में पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहे थे, हालांकि इस मामले में उनकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई है।
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि चोरी की योजना पहले से तैयार की गई थी और घटना के दिन दुकान का शटर तोड़कर महंगे सरिए को ले जाया गया था। बरामद मैजिक पिकअप वाहन का इस्तेमाल चोरी के सामान को ढोने के लिए किया गया, जिसकी पुष्टि आरोपी से पूछताछ के बाद हुई। इसके अलावा बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के आधार पर भी पुलिस कई अहम सुराग जुटा रही है।


