
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टझंझारपुर अंचल के प्रभारी राज्य-कर उपायुक्त श्री राजन कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मधुबनी जिला ईंट निर्माता संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक कार्यालय कक्ष में मंगलवार की दोपहर आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईंट भट्ठा व्यवसायियों से अविलंब कर का भुगतान सुनिश्चित करना और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना था।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि ईंटों पर 6 प्रतिशत अथवा 12 प्रतिशत की दर से कर का भुगतान करने का सरकारी प्रावधान है, परंतु कई व्यवसायी अपना पूरा कर का भुगतान नहीं करते। इस संदर्भ में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि व्यवसायी अपना पूरा कर नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।अच्छे करदाताओं के प्रति अंचल प्रभारी ने अपना आभार प्रकट किया और आश्वासन दिया कि ईंट निर्माता संघ के सदस्यों को कर का भुगतान करने में हरसंभव सहयोग मिलेगा।
मधुबनी ईंट निर्माता संघ ने पदाधिकारियों को समय पर कर भुगतान को लेकर किया आश्वस्त
बैठक में राज्य-कर सहायक आयुक्त श्री पंकज कुमार सिंह, मधुबनी ईंट निर्माता संघ के संरक्षक श्री लाल बाबू सिन्धी, जिलाध्यक्ष महेश कुमार महतो, प्रमोद कुमार अमर, गौतम झा, शिव कुमार सिंह, सूर्यनारायण झा, अनिल कुमार झा, चन्द्रशेखर महतो, संतोष कुमार झा, अधिवक्ता आनन्द झा, दिलीप कुमार, सुजीत कुमार कंठ समेत दर्जनों ईंट भट्ठा संचालकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उपस्थित ईंट निर्माता संघ की ओर से पदाधिकारियों को आश्वस्त किया गया कि वे लोग कर का भुगतान करने के मामले में हरसंभव सहयोग करेगें ।
इस बैठक में चर्चा का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह था कि यदि किसी व्यवसायी द्वारा निर्धारित कर का पूरा भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे कानूनन दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस सख्त रुख से न केवल कर चोरी को रोका जाएगा बल्कि ईमानदार व्यवसायियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा कि वे अपने दायित्वों का निर्वाह करें। अधिकारीयों ने यह भी कहा कि ईंट निर्माता संघ की ओर से सदस्यों के सहयोग के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे और प्रशासन द्वारा समय-समय पर निगरानी बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना था कि ईंट निर्माता संघ के सदस्यों का कर भुगतान ना करना न केवल सरकारी राजस्व में कमी का कारण बनता है बल्कि यह समाज में भ्रष्टाचार की एक बड़ी समस्या के रूप में उभरता है। ऐसी घटनाओं पर सख्त निगरानी और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।


