फुलपरास के बेलहा उच्च विद्यालय में पान महासंघ की आम सभा आयोजित
फुलपरास प्रखंड के बेलहा उच्च विद्यालय में पान महासंघ आम सभा का आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता श्री दुखी दास ने की, जबकि संचालन उपाध्यक्ष रामदेव दास ने किया। सभा में पान समाज के अधिकार, आरक्षण बहाली, और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांगों पर जोरदार चर्चा हुई।पान महासंघ आम सभा में उठे पान समाज के अधिकारों के मुद्दे
राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. आई. पी. गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के 74 साल बीतने के बाद भी पान समाज को राजनीतिक क्षेत्र में उपेक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने अब तक पान समाज के व्यक्तियों को लोकसभा, राज्यसभा या विधानसभा के लिए टिकट तक नहीं दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने निर्दयतापूर्वक पान समाज का आरक्षण छीन लिया है। सरकारी नौकरियों में पान समाज के युवाओं के लिए अवसर लगभग समाप्त कर दिए गए हैं। जिन उम्मीदवारों ने अनुसूचित जाति में आवेदन किया था, उन्हें अब अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में स्थानांतरित कर दिया गया है।

पान महासंघ आम सभा में आरक्षण बहाली के लिए आंदोलन की घोषणा
पान महासंघ के द्वारा इसी के ख़िलाफ़ “हाँको रथ हम पान है” आंदोलन चलाया जा रहा है । इस आंदोलन का शुभारंभ 6 अक्टूबर 2024 को हुआ था। यह आंदोलन पान समाज के अधिकारों और आरक्षण की बहाली के लिए बिहार भर में चलाया जाएगा।
राम अधीन दास ने सभी पान समाज के लोगों से अपील की कि वे 24 नवंबर 2024 को लहेरिया सराय के पोलो मैदान में आयोजित होने वाली विशाल रैली में भाग लें, ताकि आरक्षण बहाली की दिशा में आंदोलन को मजबूत किया जा सके।
पान महासंघ आम सभा में अन्य नेताओं ने भी रखी अपनी बातें
सभा में महासंघ के जिला महासचिव रामबाबू दास, प्रो. सियाराम दास, बालकृष्ण दास, दिनेश दास, और कामेश्वर दास ने भी संबोधित किया। उन्होंने पान समाज के संघर्ष और उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। इन नेताओं ने पान समाज को उनके अधिकारों से वंचित किए जाने की कड़ी आलोचना की।
पान महासंघ आम सभा में ऐतिहासिक साक्ष्यों का उल्लेख
सभा के दौरान काका कालेलकर आयोग और 1967 की संयुक्त संसदीय प्रवर समिति के प्रतिवेदन का भी जिक्र किया गया। इन दस्तावेज़ों में स्पष्ट किया गया है कि बिहार में तांती समुदाय ही पान समाज का प्रतिनिधित्व करता है।
नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को इन ऐतिहासिक साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पान समाज के आरक्षण को बहाल करना चाहिए।यह सभा न केवल पान समाज के लिए एकजुटता का प्रतीक बनी, बल्कि उनके संघर्ष को एक नया आयाम भी दिया। “हाँको रथ, हम पान हैं” आंदोलन के तहत पान महासंघ ने सरकार पर दबाव बनाने का निर्णय लिया है।फुलपरास में आयोजित इस सभा ने पान समाज के अधिकारों और उनके लिए आरक्षण बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह सभा पान समाज की उपेक्षा और उनके संघर्ष की आवाज को पूरे बिहार में पहुंचाने का माध्यम बनेग