
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में महाकुंभ में हुई भगदड़ और पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दिए गए मोक्ष वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। बजट सत्र के दौरान संसद में अपने बयान में उन्होंने कहा, “ऐसे बाबाओं और महाकुंभ में जाने वाले नेताओं तथा पैसे वाले लोगों को डुबकी लगाकर मर जाना चाहिए और मोक्ष ले लेना चाहिए।”
संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सांसद ने धीरेंद्र शास्त्री का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा, "मैं किसी बाबा का नाम नहीं लूंगा, परन्तु मैं कोट करता हूं। एक बाबा ने कहा है कि जो कुंभ में मरे हैं, उन्हें मोक्ष मिल गया।" उन्होंने महाकुंभ भगदड़ में मरने वालों की संख्या का भी उल्लेख किया, जिसमें बताया गया है कि वहां 300 से 600 लोगों की मृत्यु हुई थी।संसद में पप्पू यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भी जिक्र किया और कहा, “जब नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे, तब कुंभ का बजट 487 करोड़ रुपये हुआ करता था, लेकिन आज महाकुंभ का बजट 10,000 करोड़ तक पहुंच चुका है।”
मौनी अमावस्या पर हुई महाकुंभ भगदड़ पर थम नहीं रही है सियासत
दरअसल, 29 जनवरी को प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दौरान महाकुंभ में भगदड़ मची थी जिसमें लगभग 30 से 40 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के संदर्भ में,4 दिन पहले प्रयागराज में आयोजित संत सम्मेलन में बाबा बागेश्वर ने कहा था, “गंगा के किनारे यदि कोई मरेगा तो उसे मृत्यु नहीं, मोक्ष मिलेगी। यह महाप्रयाग है; मृत्यु तो सबकी निश्चित है, और एक दिन हमें भी मरना है। अगर कोई गंगा के किनारे मरेगा, तो उसे मोक्ष प्राप्त होगा।”
महाकुंभ भगदड़ पर बागेश्वर बाबा ने कहा था कि घटना के तुरंत बाद नियंत्रण पा लिया गया और श्रद्धालुओं से सतर्क तथा अनुशासित रहने की अपील की गई। संत सम्मेलन में मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई थी और धीरेंद्र शास्त्री के बयान का वीडियो शुक्रवार को उनके यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित किया गया।
महाकुंभ भगदड़ में प्रयागराज के संगम तट पर 29 जनवरी की सुबह हुई दुर्घटना में कुल 30 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें 19 लोग गंभीर घायल हो गए। विशेष रूप से, इस भगदड़ में यूपी के 19 लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें से बिहार के 11 लोगों में 9 महिलाएं शामिल थीं। गोपालगंज से 4, औरंगाबाद से 2, तथा पटना, गया, बगहा, सुपौल और मुजफ्फरपुर से 1-1 श्रद्धालु की मौत दर्ज की गई। साथ ही, 5 जिलों के 11 लोग अभी भी लापता हैं।