
बिहार में 2025 के अंत तक होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक माहौल में तेजस्वी यादव और सत्तापक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। राजनीतिक दलों के बीच तेज बहस और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को और नाटकीय बना दिया है। हाल ही में, विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने तेजस्वी यादव के ट्वीट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अपना कठोर रुख अपनाया है।
JDU नेता नीरज कुमार: ट्विटर के सहारे नहीं रहे तेजस्वी ,अन्यथा जनता कर देगी क्विट
JDU के नेता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत के कारण उनका पूरा परिवार कानूनी मुसीबतों में फंसा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD ने लोकसभा चुनाव में केवल चार सीटें हासिल की हैं, जबकि JDU के 12 सांसद चुनाव जीतकर आए हैं।
नीरज कुमार ने आगे कहा कि महागठबंधन के भीतर भी असहमति और उलझन देखने को मिल रही है, और ऐसा प्रतीत होता है कि सहयोगी दल भी तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी को ‘ट्विटर बबुआ’ बताते हुए कटाक्ष किया: “जो सिर्फ ट्वीट से चलेगा, जनता उसे ‘क्विट’ कर देगी।”
उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने भी कसा तेजस्वी पर व्यंग्य
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी तेजस्वी के ट्वीट पर प्रहार करते हुए कहा: “पहले लालू जी को RJD अध्यक्ष पद से हटाने का वादा पूरा करें, फिर बिहार की बात करें।” उन्होंने आरोप लगाया की कुछ लोग सत्ता पाने के लिए अंधाधुंध साजिशें रच रहे हैं, लेकिन जनता इन्हें पहचान चुकी है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बिहार को बचाने और प्रगति की राह पर आगे बढ़ने का समय आ चुका है। सिन्हा ने भ्रष्टाचार, जातिवाद और अपराध मुक्त बिहार के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


