
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टमानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान, दरभंगा के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण निदेशक एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री विभूति रंजन चौधरी से भेंट की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनवितरण प्रणाली (PDS) के तहत दुकानदारों के कमीशन में वृद्धि की मांग करना और व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर देना था।
बैठक के दौरान ये रहे प्रमुख मुद्दे
- विक्रेताओं के कमीशन में वृद्धि – वर्तमान में जनवितरण प्रणाली के तहत दुकानदारों को जो कमीशन मिलता है, वह अपर्याप्त है। इससे उनके संचालन में कई कठिनाइयाँ आती हैं। दुकानदारों को उचित लाभ मिल सके, इसके लिए कमीशन बढ़ाने की आवश्यकता है।
- व्यवस्था में पारदर्शिता – खाद्यान्न वितरण प्रणाली में अनियमितताएँ और भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। इसे रोकने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की जरूरत है, जिससे लाभार्थियों को समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न मिल सके।
- जनवितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण पर जोर – यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंदों को राशन आसानी से मिले और कोई भी लाभार्थी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करे।
इस महत्वपूर्ण चर्चा में जदयू नेता परमानन्द सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार और वीर कुमार मंडल भी उपस्थित थे। सभी ने एकमत होकर यह मांग रखी कि सरकार को जनवितरण प्रणाली की कमियों को दूर कर इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण निदेशक विभूति रंजन चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को दिया उचित आश्वासन
श्री विभूति रंजन चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा और आवश्यक सुधारों के लिए उचित पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता की सुविधा और विक्रेताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक के बाद उपस्थित प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेगी जिससे जनवितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगी।


