
AI Image
समस्तीपुर सदर अस्पताल परिसर में स्थित 100 बेड का अत्याधुनिक वातानुकूलित समस्तीपुर मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) भवन बनकर तैयार हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसका उद्घाटन अब तक नहीं हो सका है। वर्षों से लंबित यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना अपनी फिनिशिंग लाइन पूरी कर चुकी है, फिर भी इसका संचालन शुरू न हो पाना जिले के हजारों मरीजों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इस अस्पताल के शुरू होने से न सिर्फ बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
समस्तीपुर मातृ-शिशु अस्पताल उद्घाटन में देरी: अधर में लटकी उम्मीदें
यह भवन पिछले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 14 अगस्त को ही तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उद्घाटन किया जाने वाला था, लेकिन अज्ञात कारणों से यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। इस देरी से स्थानीय निवासियों में काफी निराशा है, क्योंकि उन्हें इस अस्पताल से बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की बहुत उम्मीदें हैं। अगर यह मातृ-शिशु अस्पताल जल्द से जल्द चालू हो जाए तो विशेषकर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को विशेष देखभाल और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा, जिससे निजी अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद, स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे अभी तक संवेदक से टेकओवर नहीं किया जा सका है। सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने बताया है कि अभी भी कुछ तकनीकी काम शेष हैं, जिनकी पूर्ति के बाद ही भवन को हैंडओवर लिया जाएगा। प्रशासन की ओर से लगातार इस भवन का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रहे। इससे पूर्व, पिछले वर्ष नवंबर में डीएम रोशन कुशवाहा ने भी इस MCH बिल्डिंग का निरीक्षण किया था, जिसमें कुछ खामियां पाई गई थीं और उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए थे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पहल
आम जनता की अपेक्षाएं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
स्थानीय लोगों द्वारा उद्घाटन में हो रही इस देरी पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी रामबालक सिंह ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि MCH भवन को जल्द से जल्द शुरू करना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, इसके शुरू होने से हर रोज सैकड़ों महिला व शिशु रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा, जिससे सरकारी अस्पतालों की छवि में सुधार होगा और आम लोगों को मामूली समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। यह वातानुकूलित वातावरण और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
इस MCH बिल्डिंग में 100 बेड का एक विशेष मदर-चाइल्ड केयर वार्ड बनाया गया है जिसमें मातृ-शिशु से संबंधित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां सदर अस्पताल के लेबर रूम, महिला वार्ड और एसएनसीयू को शिफ्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्पेशल चाइल्ड केयर यूनिट, पीकू वार्ड और आईसीयू की व्यवस्था भी की गई है। भवन में पैथोलॉजी जांच की सुविधा भी स्थानांतरित की जाएगी, जिसमें नए उपस्कर लगाए गए हैं। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निजी क्लीनिकों के आर्थिक शोषण से बचाते हुए मां और नवजात के इलाज से जुड़ी बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करेगी।


