
बिहार के दक्षिणी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं के लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने बिजली बिल में होने वाली गलतियों, उपभोक्ता शिकायतों और बकाया राशि की वसूली के लिए 10 फरवरी से एक विशेष शिविर अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान SBPDCL की सभी बिजली शाखाओं के अंतर्गत आने वाले गांवों में 30 मार्च तक लागू किया जाएगा, जिससे बिजली बिलों में सुधार और चोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
SBPDCL के अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना और चोरी तथा गैरकानूनी वसूली पर रोक लगाना है
SBPDCL के एमडी अरविंद कुमार ने बताया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य बिजली बिलों में संभावित त्रुटियों को सही करना, उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना और चोरी तथा गैरकानूनी वसूली पर रोक लगाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम बिहार में बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शिविरों में प्रीपेड मीटर की खराबी, मोटर की समस्या, कनेक्शन में देरी जैसी समस्याओं का निवारण तुरंत किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को उनके बिल में सुधार का त्वरित लाभ मिल सके।
इस अभियान के तहत, SBPDCL द्वारा विशेष रूप से मोबाइल वैन चलायी जाएंगी, जिनके जरिए बिलिंग एजेंसी से जुड़े अधिकारी ग्रामीण इलाकों में जाकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करेंगे। साथ ही, ई-वॉलेट और ऑन-साइट भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता नियमित रूप से शिविरों की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता तुरंत पकड़ी जा सके।
यदि किसी भी उपभोक्ता को उनके बिजली बिल में कोई त्रुटि दिखे या कोई बकाया राशि दर्ज हो, तो उन्हें तुरंत अपने नजदीकी बिजली कार्यालय या नियोजित शिविर स्थल पर जाकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जाती है। कंपनी का मानना है कि अधिकांश मामूली समस्याओं का समाधान शिविर स्थल पर ही कर दिया जाएगा, जबकि जटिल मामलों को एक सप्ताह के भीतर सुलझा लिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को न केवल सही बिलिंग में सुधार दिखाई देगा, बल्कि उनकी बिजली खपत पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
बिजली बिल सुधार के साथ-साथ इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य राजस्व वसूली में वृद्धि करना है। मोबाइल वैन, ई-वॉलेट और ऑन-साइट भुगतान की सुविधाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को सहज और त्वरित भुगतान विकल्प प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल बिजली विभाग की वसूली में सुधार होगा, बल्कि बिजली चोरी पर भी सख्त रोक लगाई जा सकेगी। SBPDCL के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार का कहना है कि इस तरह के तकनीकी कदम से बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं के लिए बिजली का उपयोग अधिक किफायती हो जाएगा।


