
India-Nepal Border से सटे मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधुबनी बरदाहा में एक संदिग्ध गिद्ध के मिलने से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने देखा कि गिद्ध की पीठ पर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगा हुआ है, जिसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना मुफस्सिल थाना पुलिस को दी, जिसके बाद एसएचओ रवि रंजन कुमार मौके पर पहुंचे और वन विभाग को अवगत कराया। करीब चार घंटे बाद वन विभाग की टीम ने गिद्ध को कब्जे में लेकर मोतिहारी ले जाया, जहां भारत सरकार की कई जांच एजेंसी हर एंगल से जांच करने में जुटी है।
India-Nepal Border पर जासूसी या सिर्फ़ एक प्रयोग? एजेंसियां जुटीं जांच में
गिद्ध पर लगे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। इस मामले को भारत-चीन तनाव और नेपाल में चीन के बढ़ते प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। नेपाल में चल रहे आंदोलनों और सीमा विवादों के बीच यह घटना संदेह पैदा कर रही है। सूत्रों के अनुसार भारतीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह डिवाइस जासूसी या पर्यावरण शोध से संबंधित है।
नेपाल में चीनी प्रभाव और सीमा विवादों को लेकर भारत सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिवाइस सीमा पार गतिविधियों की निगरानी या जलवायु अध्ययन के लिए लगाया गया हो सकता है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर कोण से जांच कर रही हैं।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना मिलने के चार घंटे बाद टीम का पहुंचना लापरवाही का संकेत है। हालांकि, वन अधिकारियों का कहना है कि गिद्ध को सुरक्षित स्थान पर रखकर उसकी मेडिकल जांच की जा रही है।
गिद्ध को पकड़ने वाले ने बताई कहानी
गिद्ध को पकड़ने वाले आलम ने बताया, “मैं दो-तीन दिन से देख रहा था कि यह गिद्ध इलाके में घूम रहा है, लेकिन नीचे नहीं उतर रहा था। आज जब यह जमीन पर दिखा, तो मैंने मिट्टी का टुकड़ा फेंका, जिससे वह नीचे आ गया। उसकी पीठ पर डिवाइस देखकर मुझे शक हुआ, इसलिए मैंने उसे पिंजरे में बंद कर पुलिस को सूचना दी।”


