
झंझारपुर से गौतम झा की रिपोर्टदरभंगा/लहेरियासराय: अखिल भारतीय सूड़ी (वैश्य) संगठन ने 8 जून 2025 को पटना में महासम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य सूड़ी समाज को अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) में शामिल करने की मांग को लेकर एकजुट आवाज उठाना है। यह निर्णय बिहार के दरभंगा जिले के लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय सूड़ी (वैश्य) संगठन द्वारा बिहार सूड़ी प्रतिनिधि सभा में लिया गया।
इस सभा को संबोधित करते हुए झारखंड के पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज साहु ने कहा कि जब तक सूड़ी समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक उसे उसके अधिकार नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित होकर अपनी ताकत दिखाए, तो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी समाज का हो सकता है।
सूड़ी महासम्मेलन से मिलेगा राजनीतिक शक्ति का संदेश अधिकारों के लिए संघर्ष जरूरी
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सभापति रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि आजादी भी संघर्ष से मिली थी, इसलिए अपने अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि सूड़ी समाज को अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल नहीं किया जाना एक गंभीर विषय है, और इसके लिए समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पटना में होने वाली रैली के बाद सरकार मजबूर होगी और न सिर्फ समाज को अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल करेगी, बल्कि राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
सभा में संगठन के संयोजक डॉक्टर वरुण कुमार ने कहा कि बिहार सूड़ी प्रतिनिधि सम्मेलन इतिहास रचेगा। उन्होंने “आवाज दो, हम एक हैं” का नारा देते हुए कहा कि 8 जून 2025 को पटना में महासम्मेलन के जरिये सूड़ी समाज अपनी राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन करेगा।
सूड़ी समाज में बिहार-झारखंड में वर्गीकरण को लेकर नाराजगी
सभा में मौजूद मधुबनी के विधायक और पूर्व उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने कहा कि बिहार और झारखंड के बंटवारे के बाद समाज का भी बंटवारा हो गया। उन्होंने बताया कि झारखंड में सूड़ी समाज को अतिपिछड़ा वर्ग में रखा गया है, जबकि बिहार में इसे पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। उन्होंने कहा कि समाज को अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल कराने के लिए एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी।वैश्य सूड़ी समाज समिति के जिलाध्यक्ष रामनाथ पंजियार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
सभा में मौजूद खजौली के विधायक अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने सूड़ी जाति की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों को पाने के लिए समाज को हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
सीतामढ़ी के पूर्व एमएलसी बैजनाथ प्रसाद ने कहा कि बिना सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी के कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता।
हायाघाट के पूर्व विधायक अमरनाथ गामी ने कहा कि सूड़ी समाज व्यापार के क्षेत्र में लगातार कमजोर होता जा रहा है, जिससे आर्थिक तंगी और शिक्षा में पिछड़ापन आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय-समय पर इस समाज पर ध्यान दिया होता, तो स्थिति बेहतर होती।
मधुबनी के पूर्व एमएलसी सुमन महासेठ ने कहा कि यदि सूड़ी समाज को अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल कर दिया जाए, तो पंचायत से लेकर नगर और राज्य स्तर तक नेतृत्व के अवसर मिलेंगे।
देशभर से सूड़ी समाज के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़, दिल्ली और अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भी समाज को संगठित होने का आह्वान किया।
सभा को छत्तीसगढ़ सूड़ी समाज के अध्यक्ष, दिल्ली सूड़ी समाज के अध्यक्ष अशोक नायक, पूर्व मेयर मुन्नी देवी, अखिल भारतीय शौण्डिक संघ के सभापति रामौतार महतो, और अन्य समाज के नेताओं ने संबोधित किया।
बिहार के विभिन्न प्रमंडलों से आए संगठन के प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में भाग लिया। इनमें पटना प्रमंडल के संयोजक राजेश गुप्ता, तिरहुत प्रमंडल के संयोजक चितरंजन महतो, सारण प्रमंडल के संयोजक अवधेश भगत, मगध प्रमंडल के संयोजक मनोज गुप्ता, भागलपुर प्रमंडल के संयोजक दिगंबर मंडल, मुंगेर प्रमंडल के संयोजक अनिल वैद्य, कोसी प्रमंडल के संयोजक सुनील नायक और पूर्णिया प्रमंडल के संयोजक अमित पूर्वे शामिल थे।


